[gtranslate]

Late Subimal Goswami,

 

Former Captain of Indian Team

 

Footballer & Cricketer, India

पूर्व भारतीय कप्तान और प्रथम श्रेणी क्रिकेटर “सुबीमल गोस्वामी” का 82 वर्ष की आयु में कोलकाता में निधन हो गया। उन्होंने फुटबॉल में 50 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और बंगाल के लिए 46 प्रथम श्रेणी मैच खेले। पूर्व कप्तान ने 1963 में “अर्जुन पुरस्कार” और 1983 में प्रतिष्ठित “पद्म श्री पुरस्कार” जीता।

कुछ लोग खेल को अपना करियर बनाते हैं, तो कुछ के लिए खेल ही जिन्दगी हैं। उनका खेल खत्म तो जिंदगी भी। पूर्व भारतीय फुटबॉल कप्तान, “सुबामिल गोस्वामी” का व्यक्तित्व भी कुछ इस तरह था। उनके प्रशंसक उन्हें “चुन्नी गोस्वामी” के नाम से बुलाते थे। एक फुटबॉलर होने के अलावा, वह एक महान क्रिकेटर भी थे। पूर्व कप्तान का जन्म 15 जनवरी, 1938 को किशोरगंज, बंगाल (अब बांग्लादेश) में हुआ था और 30 अप्रैल, अप्रैल 2020 को कोलकाता, भारत में निधन हो गया।

बचपन से ही उनका फुटबॉल के प्रति जुनून था। वह सिर्फ 8 साल की उम्र में “मोहन बागान क्लब” में शामिल हो गए। उन्होंने इस क्लब की 22 वर्षों तक सेवा की और इस क्लब के लिए अपना खेल जारी रखने के लिए, उन्होंने बहुत लोकप्रिय फुटबॉल क्लब “टोटेनहम हॉट्सपुर” से जुड़ने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने 1960-1964 तक 5 वर्षों के लिए इस क्लब का नेतृत्व किया।

वह 1956 में भारतीय फुटबॉल टीम में शामिल हुए और ओलंपिक, एशियाई खेल, एशिया कप और मर्देका कप सहित 50 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने एशियाई खेल 1962 में टीम इंडिया का नेतृत्व किया और स्वर्ण पदक और 1964 एशिया कप में रजत पदक और मर्देका कप में रनरअप का समापन किया।

अगर हम कहें कि फुटबॉल उनका पहला प्यार था, तो क्रिकेट दूसरा । वह कलकत्ता विश्वविद्यालय में भी दोनों टीमों के कप्तान थे। वर्ष 1962-1963 में बंगाल रणजी टीम में एक ऑलराउंडर के रूप में शामिल होने के बाद, उन्होंने फुटबॉल से सन्यास ले लिया और पूरी तरह से क्रिकेट को चुना। उन्होंने 46 प्रथम श्रेणी मैच खेले और 1592 रन (1 शतक और 7 अर्धशतक सहित) बनाए और 47 विकेट लिए। उन्होंने 1962 में “बेस्ट स्ट्राइकर पुरस्कार”, 1963 में अर्जुन पुरस्कार, 1983 में “पदम श्री” और 2005 में “मोहन बागान रत्न पुरस्कार” जैसे बड़े पुरस्कार जीते।

चूनी गोस्वामी विभिन्न प्रतिभाओं के धनी थे और फुटबॉल और क्रिकेट के अलावा, उन्होंने साउथ क्लब के लिए लॉन टेनिस खेला। उन्होंने बंगाली फिल्म “प्रोथोम प्रेम” में भी अभिनय किया और 2005 में कोलकाता के शेरिफ भी थे।

पूर्व भारतीय कप्तान मधुमेह और विभिन्न बीमारी से पीड़ित था। 30 अप्रैल, 2020 को कोलकाता में 82 वर्ष की आयु में कार्डियक अटैक के कारण उनका निधन हो गया।
कुछ पंक्तियाँ उनकी पूरी यात्रा के बारे में बता रही हैं,

“यूँ ही नहीं होती हाथों के लकीरों के आगे उँगलियाँ,
रब ने भी किस्मत से आगे मेहनत लिखी हैं|”